करें ऐसी साज-संभाल कि आपकी साड़ी चले पीढ़ी दर पीढ़ी


आपने कई बार सुना होगा कि युवतियां, नई-नई शादीशुदा युवतियां और यहां तक कि कई महिलाएं भी जब साड़ी पहनती हैं तो इस बात का ज़िक्र करती हैं कि यह साड़ी उनकी मां, दादी या नानी से उन्हें विरासत में मिली है. यदि आप भी अपनी साड़ियों की देखभाल इस तरह करना चाहती हैं कि आपकी साड़ियां पीढ़ी दर पीढ़ी चलें तो आप सही आलेख पढ़ रही हैं. यहां हम आपको साड़ियों की देखभाल का सही तरीक़ा बता रहे हैं...

1. साड़ियों की देखभाल के सामान्य नियम

पहली धुलाई के दौरान: जब आप पहली बार साड़ी धो रही हों पानी में हल्का-सा नमक डालें. इसे साड़ी का रंग नहीं निकलेगा, जिससे वह बदरंग नहीं होगी.
कैसा साबुन इस्तेमाल करें: अधिकतर डिटर्जेंट्स में बहुत ही कठोर केमिकल्स होते हैं, जो साड़ियों के नाज़ुक फ़ैब्रिक पर बुरा असर डालते हैं. इससे आपकी साड़ी के रेशे निकल सकते हैं. अत: बहुत ज़रूरी है कि साड़ियों को सौम्य या ऑर्गैनिक डिटर्जेंट से धोएं.
मशीन में कभी न धोएं: साड़ी को वॉशिंग मशीन में धोना यानी उसकी उम्र घटाना, रंग को बदरंग करना. साड़ियों को या तो हाथ से धोएं या फिर ड्राइक्लीन कराएं.
जब करना हो आयरन: जब भी साड़ी को प्रेस यानी आयरन करना हो तो इसे दो सूती कपड़ों के बीच रखकर आयरन करें.
साड़ी हैंगर पर टांगनी हो तो: यूं तो कई तरह की साड़ियों को हैंगर पर टांगना ही नहीं चाहिए, लेकिन जिन साड़ियों को हैंगर पर टांगा जा सकता है, हर छह महीने बाद दूसरी ओर से उन्हें तह कर के टांगना चाहिए. यानी उनकी तह बदलते रहना चाहिए.
कीड़ों से बचाने के लिए: प्राकृतिक रेशों से बनी साड़ियों में कीड़े लगने की संभावना होती है. ऐसी साड़ियों अत: उन्हें रखते समय नैप्थिलीन बॉल्स डाल देना चाहिए.
जब लग जाए दाग़: यदि आपकी साड़ी में दाग़ लग जाए तो इस पर ठंडा पानी डाल कर निकालने का प्रयास करें. बजाय डिटर्जेंट के आप नहाने के साबुन से इस दाग़ को हटाने की कोशिश करें. यदि दाग़ तेल का है तो पहले इस पर टैल्कम पाउडर लगाएं. जब यह सूख जाए, तभी इसे छुड़ाने की कोशिश करें. दाग़ छुड़ाने के लिए आप साड़ी को ड्राइक्लीनर से भी धुलवा सकती हैं.



2. यूं करें ज़री वाली साड़ियों की देखभाल
* हर छह माह में ज़री की साड़ियों को दो-तीन घंटे के लिए हल्की धूप दिखाएं. इससे उनमें फ़ंगस नहीं लगेगी.
* उन्हें दोबारा अलमारी में रखने से पहले उनकी तह को पलट दें. इससे ज़री ख़राब नहीं होने पाएगी.
* संभव हो तो इन्हें तह करने के बाद कपड़े के कवर के भीतर रख कर अलमारी में रखें.

3. सिल्क की साड़ी की साज-संभाल
* सिल्क की साड़ियों को कभी-भी मेटर के हैंगर्स पर न टांगें.
* इन्हें सूती कपड़े के बैग में इस तरह रखें कि ये नमी से बची रहें.
* सिल्क की साड़ियों को नमी से लगने वाली फ़ंगस से बचाने के लिए सिलिका जेल का इस्तेमाल करें.

4. भारी काम वाली एम्बेलिश्ड साड़ियों को यूं सहेजें
* जिन साड़ियों में भारी काम किया गया  हो उन्हें उल्टा तह करें यानी काम वाला हिस्सा तह में अंदर की ओर आए.
* इन साड़ियों के पिछले हिस्से पर आप नेट लगवा सकती हैं, ताकि यहां से धागे न टूटने पाएं और आपकी साड़ी ख़राब न होने पाए.
* ऐसी साड़ियों को हैंगर पर नहीं टांगना चाहिए अन्यथा भारी काम की वजह से साड़ी का कपड़ा फट सकता है.

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